Skip to main content
Abeng Radio·Live news
0 listening
जमैका कानून के तहत मिली वस्तु रख लेने पर भी चोरी के आरोप लग सकते हैं
Jamaica Star

जमैका कानून के तहत मिली वस्तु रख लेने पर भी चोरी के आरोप लग सकते हैं

3 मिनट पढ़ें

यह परिचित कहावत कि जो मिल जाए वह रख लो हल्के-फुल्के लहजे में सुनाई दे सकती है, फिर भी किसी दूसरे की खोई वस्तु लेकर चले जाना गंभीर मुश्किल में डाल सकता है। जमैका कानून खोई संपत्ति अपने पास रखने को ऐसा आचरण मानता है जिस पर आपराधिक दायित्व बन सकता है, और सजा में जुर्माना या अधिकतम पाँच वर्ष तक का कारावास शामिल है।

वरिष्ठ रक्षा अधिवक्ता क्रिस्टोफर टाउनसेंड ने THE STAR से बातचीत में कहा कि लार्सेनी ऐक्ट किसी भी व्यक्ति को, जो खोई संपत्ति पाए, मालिक की पहचान कर वस्तु लौटाने की दिशा में कदम उठाने के लिए बाध्य करता है। ‘‘कानून काफी स्पष्ट है, यह आप पर यह कर्तव्य डालता है कि आप मालिक को ढूँढने का प्रयास करें या यह निर्धारित करने के लिए उचित कदम उठाएँ कि मालिक कौन है,’’ अधिवक्ता ने कहा।

टाउनसेंड के अनुसार, जिस परिस्थिति में वस्तु मिलती है और फिर खोजकर्ता आगे क्या करता है, दोनों तय करने में मदद करते हैं कि अपराध हुआ या नहीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल मिल जाना अपने आप में लार्सेनी नहीं है। अभियोजन को यह दिखाना होता है कि खोजकर्ता के पास संपत्ति थी और उसका इरादा मालिक से उसे स्थायी रूप से छीनकर रखना था। ‘‘जब आप उसे पाते हैं, तो क्राउन को यह साबित करना होगा कि आपका इरादा मालिक को उससे वंचित करने का था,’’ टाउनसेंड ने कहा। ‘‘तो, यदि आप उसे पाते हैं और मालिक को ढूँढने का प्रयास करते हैं, और आप मालिक को नहीं ढूँढ पाते, और कहते हैं ‘अरे, मैं इसे अपने पास ही रख लेता हूँ, मुझे परवाह नहीं’, तो वह लार्सेनी नहीं हो सकती।’’

उन्होंने इस बात पर बल दिया कि वस्तु पहली बार उठाने के समय खोजकर्ता की मानसिक स्थिति निर्णायक होती है। ‘‘जब आप उसे पाते हैं, उसी समय आपके पास उसे स्थायी रूप से वंचित करने का इरादा होना चाहिए, इसलिए, यदि खोज के समय आप यह मानते हैं कि उचित कदम उठाकर भी मालिक नहीं मिल सकता, तो परिस्थितियों के अनुसार वह लार्सेनी नहीं हो सकती। यदि आप मालिक को ढूँढने के लिए उचित कदम उठाते हैं और मालिक नहीं मिलता ... तो वह लार्सेनी नहीं हो सकती। लेकिन बहुत कुछ खोज की विशेष परिस्थितियों और उसके बाद आपके आचरण पर निर्भर करता है।’’ उन्होंने यह भी कहा कि जहाँ कोई मालिक का पता लगाने की कोशिश कर चुका हो, वहाँ भी मामला कैसे खत्म होता है, वह उस मामले के तथ्यों पर ही टिका रहता है।

टाउनसेंड ने कहा कि जो लोग नकदी, बैंक कार्ड या अन्य निजी वस्तुएँ पुलिस या अन्य उचित प्राधिकारी को सौंपते हैं, वे सही काम कर रहे हैं। उन्होंने समझाया कि उचित प्रयास क्या माना जाएगा, वह परिस्थिति के साथ बदलता है। उदाहरण के तौर पर, यदि सड़क पर उड़ता हुआ $50 का नोट मिले और पास में कोई ऐसा व्यक्ति हो जिसने उसे गिराया हो सकता है, तो खोजकर्ता को पूछना चाहिए कि क्या वह पैसे उसी के हैं। ‘‘यदि उस व्यक्ति ने कहा कि उसने कुछ नहीं खोया, तो इसका मतलब यह हो सकता है कि वे कदम उठा लेने के बाद आपने अपेक्षा पूरी कर दी, इसलिए आपके पास वह मानसिक तत्व नहीं होगा जो इरादा बनाने के लिए जरूरी है, जो कि कानून की अपेक्षा है,’’ उन्होंने कहा।

जो कोई यह मान लेता है कि मिली वस्तु डिफॉल्ट में उसकी हो जाती है, टाउनसेंड ने सावधान किया कि क़ानून ऐसा नहीं मानता। ‘‘यदि व्यक्ति ने उसे खो दिया है तो इसका मतलब यह नहीं कि वह अब उसकी नहीं रही, इसका मतलब है कि उस समय वह उसके कब्जे में नहीं है। इसलिए जब आप उसे लेते हैं, आपने मालिक को स्थायी रूप से वंचित कर दिया। आप मालिक नहीं हैं, और आप जानते हैं कि आप मालिक नहीं हैं,’’ उन्होंने कहा।

सिंडिकेट स्रोत Jamaica Star · मूल रूप से प्रकाशित .

13 भाषाएँ उपलब्ध

अन्य कवरेज